अगर आप ओडिशा स्टाइल पोई चिंगुड़ी बेसरा रेसिपी घर पर बिल्कुल पारंपरिक स्वाद में बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए है।

पोई साग की हल्की मिठास, ताज़े झींगा (चिंगुड़ी) का स्वाद और सरसों के मसाले की खुशबू मिलकर ऐसी डिश तैयार करते हैं जिसे एक बार खाने के बाद भूल पाना मुश्किल है।
यह रेसिपी खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो बिना भारी मसालों के भी स्वादिष्ट और घर जैसा पारंपरिक खाना बनाना चाहते हैं।
इस लेख में आपको हर स्टेप आसान भाषा में समझाया गया है, साथ ही ऐसे छोटे-छोटे टिप्स भी बताए गए हैं जिनसे आपकी पोई चिंगुड़ी बेसरा पहली बार में ही स्वादिष्ट बनेगी।
क्यों पसंद की जाती है यह रेसिपी?
इस डिश की लोकप्रियता सिर्फ स्वाद की वजह से नहीं है, बल्कि इसकी सादगी भी लोगों को पसंद आती है। इसमें बहुत ज़्यादा मसालों की ज़रूरत नहीं पड़ती और घर में आसानी से मिलने वाली सामग्री से इसे तैयार किया जा सकता है।
अगर तुम्हें पारंपरिक भारतीय रेसिपी पसंद हैं या हर सप्ताह कुछ नया बनाने का मन करता है, तो यह डिश तुम्हारी किचन लिस्ट में ज़रूर होनी चाहिए।
Monsoon Special
बरसात के मौसम में ताज़ा पोई साग आसानी से उपलब्ध होता है। ऐसे समय यह पारंपरिक ओड़िया रेसिपी गरम चावल के साथ खाने का अलग ही आनंद देती है।
Recipe Type: Main Course
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| तैयारी का समय | 20 मिनट |
| पकाने का समय | 25 मिनट |
| कुल समय | 45 मिनट |
| सर्विंग | 4 लोग |
| Cuisine | पारंपरिक ओड़िया |
| Difficulty Level | आसान |
इस रेसिपी के पीछे की कहानी
ओडिशा के कई घरों में कुछ रेसिपियाँ सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि परिवार की यादों के लिए भी बनाई जाती हैं। पोई चिंगुड़ी बेसरा भी उन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में से एक है।
यह रेसिपी हमारे साथ साझा की है मधु ने, जो ओडिशा की रहने वाली एक गृहिणी हैं। बचपन में उन्होंने अपनी माँ और दादी को मिट्टी के चूल्हे पर यह डिश बनाते हुए देखा।
शादी के बाद जब उन्होंने अपने घर की रसोई संभाली, तो वही पारंपरिक स्वाद और तरीका उन्होंने भी अपनाया। आज भी जब घर में ताज़ा पोई साग और झींगा आता है, तो यह रेसिपी परिवार की पहली पसंद होती है।
मधु का मानना है कि स्वादिष्ट खाना बनाने का राज़ महंगे मसालों में नहीं, बल्कि ताज़ी सामग्री, सही अनुपात और धैर्य में छिपा होता है।
इसी अनुभव के आधार पर इस लेख में वही आसान विधि साझा की गई है, ताकि आप भी अपने घर में ओडिशा का असली पारंपरिक स्वाद तैयार कर सकें।
आवश्यक सामग्री
मुख्य सामग्री
| सामग्री | मात्रा |
| पोई साग (बारीक कटा हुआ) | 500 ग्राम |
| झींगा (साफ किए हुए) | 250 ग्राम |
| आलू | 1 मध्यम |
| प्याज | 1 मध्यम |
| टमाटर (वैकल्पिक) | 1 छोटा |
| सरसों का तेल | 2–3 बड़े चम्मच |
| नमक | स्वादानुसार |
| पानी | आवश्यकता अनुसार |
बेसरा (सरसों का पेस्ट) के लिए
| सामग्री | मात्रा |
| काली सरसों | 1 बड़ा चम्मच |
| सफेद या पीली सरसों | 1 बड़ा चम्मच |
| लहसुन | 5–6 कलियाँ |
| हरी मिर्च | 2–3 |
| जीरा | ½ छोटा चम्मच |
तड़के के लिए
- ½ छोटा चम्मच पंच फोरन
- 2 सूखी लाल मिर्च
- 1 तेजपत्ता
- ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
बनाने से पहले ये बातें ज़रूर जान लें
अच्छी रेसिपी सिर्फ सही विधि से नहीं, बल्कि सही तैयारी से भी बनती है। खाना बनाना शुरू करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें।
- पोई साग हमेशा ताज़ा और मुलायम पत्तियों वाला चुनें।
- झींगा को अच्छी तरह साफ करके उसकी नस निकाल दें।
- सरसों को 20–30 मिनट पानी में भिगोकर ही पीसें, इससे उसका स्वाद संतुलित रहता है।
- सरसों के तेल को पहले अच्छी तरह गर्म करें, फिर आँच थोड़ी कम करके पकाना शुरू करें।
- सारी सामग्री पहले से काटकर रख लें, इससे खाना बनाते समय जल्दबाज़ी नहीं होगी।
Chef’s Pro Tip
सरसों का पेस्ट बनाते समय उसमें थोड़ा-सा लहसुन और हरी मिर्च साथ में पीसने से स्वाद अधिक संतुलित आता है। साथ ही झींगा को सिर्फ हल्का सुनहरा होने तक ही भूनें। ज़्यादा देर पकाने से उसकी बनावट सख्त हो सकती है और डिश का स्वाद भी बदल सकता है।
ओडिशा स्टाइल पोई चिंगुड़ी बेसरा बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: सरसों का पेस्ट तैयार करें
सबसे पहले काली और सफेद सरसों को 20–30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। अब इसे लहसुन, हरी मिर्च और जीरे के साथ थोड़ा-सा पानी मिलाकर महीन पेस्ट बना लें। ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत पतला न हो।
स्टेप 2: झींगा तैयार करें
साफ किए हुए झींगा में थोड़ा नमक और हल्दी मिलाकर 10 मिनट के लिए रख दें। इससे झींगा में हल्का स्वाद आ जाता है और पकने के बाद भी इसका प्राकृतिक फ्लेवर बना रहता है।
स्टेप 3: झींगा हल्का भून लें
एक कड़ाही में सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल की कच्ची महक खत्म हो जाए, तब झींगा डालकर मध्यम आँच पर 1–2 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भून लें। इसके बाद इन्हें निकालकर अलग रख दें।
स्टेप 4: मसालों का तड़का लगाएँ
उसी कड़ाही में पंच फोरन, सूखी लाल मिर्च और तेजपत्ता डालें। कुछ सेकंड बाद प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। अब आलू डालकर 3–4 मिनट पकाएँ। यदि टमाटर डाल रहे हैं, तो इस समय मिलाकर नरम होने तक भून लें।
स्टेप 5: पोई साग और सरसों का पेस्ट मिलाएँ
अब कटा हुआ पोई साग डालकर अच्छी तरह चलाएँ। कुछ मिनट में साग अपना पानी छोड़ देगा। इसके बाद तैयार सरसों का पेस्ट और स्वादानुसार नमक मिलाएँ।
यदि पोई साग ने पर्याप्त पानी छोड़ दिया है, तो अतिरिक्त पानी डालने की आवश्यकता नहीं होगी। कड़ाही को ढककर 6–8 मिनट तक मध्यम आँच पर पकाएँ।
स्टेप 6: झींगा मिलाकर अंतिम पकाव दें
अब पहले से भूने हुए झींगा डालें और सभी सामग्री को धीरे-धीरे मिलाएँ। 3–4 मिनट और पकाएँ ताकि सभी स्वाद अच्छी तरह एक-दूसरे में मिल जाएँ। गैस बंद करने के बाद 2 मिनट ढककर रखें, फिर गरमागरम परोसें।
स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए 5 आसान टिप्स
- सरसों का पेस्ट हमेशा ताज़ा पीसें।
- झींगा को ज़्यादा देर तक न पकाएँ।
- पोई साग अपना पानी खुद छोड़ता है, इसलिए शुरुआत में अधिक पानी न डालें।
- सरसों के तेल को अच्छी तरह गर्म करने के बाद ही पकाना शुरू करें।
- इस डिश का सबसे अच्छा स्वाद गरम सादे चावल के साथ आता है।
इन गलतियों से बचें
- सरसों को बिना भिगोए पीसना।
- झींगा को ज़रूरत से ज़्यादा भून देना।
- पोई साग डालते ही अधिक पानी मिला देना।
- तेज़ आँच पर पूरी रेसिपी पकाना।
- नमक शुरुआत में बहुत ज़्यादा डाल देना।
अनुमानित पोषण जानकारी (प्रति सर्विंग)
| पोषक तत्व | अनुमानित मात्रा |
|---|---|
| कैलोरी | 240 kcal |
| प्रोटीन | 20 ग्राम |
| कार्बोहाइड्रेट | 10 ग्राम |
| वसा | 14 ग्राम |
| फाइबर | 3 ग्राम |
नोट: यह अनुमानित पोषण जानकारी है। सामग्री और सर्विंग के अनुसार इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है।
परोसने का सही तरीका
ओडिशा में पोई चिंगुड़ी बेसरा को आमतौर पर गरम भात के साथ परोसा जाता है। इसके साथ सादी दाल, पापड़, टमाटर की चटनी या नींबू का छोटा टुकड़ा भी भोजन का स्वाद बढ़ा देता है।
यदि चाहो तो इसे दोपहर या रात के खाने में मुख्य डिश के रूप में भी परोस सकते हो।

बची हुई पोई चिंगुड़ी बेसरा कैसे रखें?
अगर बच जाए, तो इसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रिज में रखें। इसे 24 घंटे के भीतर उपयोग करना बेहतर रहता है।
दोबारा परोसते समय धीमी आँच पर हल्का गर्म करें। बार-बार गर्म करने से झींगा की बनावट और स्वाद प्रभावित हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या इस रेसिपी में फ्रोजन झींगा इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन इस्तेमाल करने से पहले उसे पूरी तरह डीफ्रॉस्ट करके अच्छी तरह धो लें।
2. अगर पोई साग न मिले तो क्या करें?
पारंपरिक स्वाद के लिए पोई साग ही सबसे अच्छा रहता है। दूसरे साग इस्तेमाल करने पर स्वाद बदल जाएगा।
3. सरसों का पेस्ट कड़वा क्यों हो जाता है?
अक्सर ऐसा तब होता है जब सरसों को बिना भिगोए पीसा जाए या पेस्ट को बहुत देर तक रखा जाए।
4. क्या बिना प्याज और लहसुन के यह रेसिपी बन सकती है?
हाँ, कई घरों में इसे बिना प्याज और लहसुन के भी बनाया जाता है।
5. क्या इसमें नारियल डाला जाता है?
पारंपरिक पोई चिंगुड़ी बेसरा में आमतौर पर नारियल नहीं डाला जाता, लेकिन कुछ परिवार अपने स्वाद के अनुसार थोड़ा कसा हुआ नारियल मिलाते हैं।
6. क्या यह रेसिपी पहले से बनाकर रख सकते हैं?
ताज़ा बनी हुई रेसिपी का स्वाद सबसे अच्छा होता है। यदि पहले से बनानी हो, तो 24 घंटे के भीतर उपयोग करें।
7. झींगा कब डालना चाहिए?
इसे अंत में डालकर कुछ मिनट ही पकाएँ, ताकि यह मुलायम और रसदार बना रहे।
8. क्या सरसों के तेल की जगह दूसरा तेल इस्तेमाल कर सकते हैं?
कर सकते हैं, लेकिन सरसों के तेल से इस डिश का पारंपरिक स्वाद और खुशबू बेहतर आती है।
Chef Hari एक प्रोफेशनल शेफ हैं, जिन्हें भारतीय व्यंजनों (Indian Recipes) का 12+ वर्षों का अनुभव है। Hari Hot Kitchen पर वे पारंपरिक और स्वादिष्ट भारतीय रेसिपी आसान तरीके से साझा करते हैं, ताकि हर कोई घर पर बेहतरीन स्वाद का आनंद ले सके।
निष्कर्ष
अगर तुम घर पर ओडिशा के पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना चाहते हो, तो ओडिशा स्टाइल पोई चिंगुड़ी बेसरा रेसिपी एक बेहतरीन विकल्प है। सही सामग्री, संतुलित मसाले और आसान विधि के साथ यह डिश पहली बार में भी स्वादिष्ट बन सकती है। इसे गरम भात के साथ परोसकर परिवार के साथ इसका असली स्वाद ज़रूर महसूस करो।
ओडिशा स्टाइल पोई चिंगुड़ी बेसरा रेसिपी, एक बार बनाएंगे तो बार-बार खाने का मन करेगा
अगर आप ओडिशा स्टाइल पोई चिंगुड़ी बेसरा रेसिपी घर पर बिल्कुल पारंपरिक स्वाद में बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए है। पोई साग की हल्की मिठास, ताज़े झींगा (चिंगुड़ी) का स्वाद और सरसों के मसाले की खुशबू मिलकर ऐसी डिश तैयार करते हैं जिसे एक बार खाने के बाद भूल पाना मुश्किल…
